Posted in Hindi poetry

शोर

कैसे चुप करवाऊ उस शोर को
जो सुनाई देता है पर दिखता नहीं
बाहर तो सन्नटा है पसरा

तो महाभारत कहाँ है
लड़ रही हूँ,अक्सर लड़ती हूँ
पर किससे और कब तक
डर है कहीं इस बार हार ना जाऊं
पर मैं जीती भी कब थी
हमेशा कुछ ना कुछ कमी थी
क्या है आरम्भ और क्या है अंत
रोना है पर रो नहीं सकती
हँसना है पर कैसे,क्यों,और कब
कोई कारण भी नहीं
कब जीते कब हारे
किसकी तलाश है और क्या आस है
इन उलझनों का क्या करूँ
उन सवालों का क्या करूँ
इस पहेली का हल क्या है
किसको खोजूं और कहाँ खोजूं
पर खोजना ही क्यों है
क्या खोया था जो पाना है
क्या पाया था जो खो गया
दौड़ती हूँ, पर चलती क्यों नहीं
चलती हूँ, पर थमती क्यों नहीं
थम गई तो क्या होगा
थक गई तो क्या होगा
क्या मैं वक़्त में हूँ या वक़्त मुझमें है
जो कभी रुकता नहीं
ज़िन्दगी उल्टी है या मैं सीधी हूँ
पर धारा तो विपरीत बहती नहीं
शोर का पता चले
तो मुझे भी बता देना
शायद इन प्रश्नों का उत्तर
तब खोज पाऊं ।
© ईरा सिंह

Thanks for reading !!!!!

Author:

I am Doctor by profession who loves to write poetry and articles , a mental health enthusiastic , nature lover and very much interested in history and mythology .

105 thoughts on “शोर

    1. Oh, Thanks a ton for your lovely comment and all the kind words, you made me speechless 😄😄😄
      So happy to know you liked it 😊😊😊

      Like

  1. मोहतरमा….!!!
    रास्ते कहा खत्म होंगे
    किसे है पता
    मंजिल कहा मिलेंगी
    किसे है पता
    मंजिल पे कौन मिलेगा
    किसे है पता
    पता तो बस इतना
    चलना है चलना है और बस चलना हि है

    बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ लिखी है आपने। जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। वैसे माफी चाहता हूँ , पढ़ने में बहुत देर हो जाता मुझे🙏🙏🙏😐😐

    Liked by 2 people

    1. बहुत ही खूबसूरत पंक्तियाँ लिखी है अपने और एकदम सच भी है ।

      आपको मेरी कविता अच्छी लगी , आपका बहुत बहुत धनयवाद 😊😊😊😊
      और माफी की जरूरत ही नहीं है , कोई बात नहीं।

      Liked by 1 person

  2. अद्भुत लेखन ,,, जब हम जिंदगी जीते हैं तो वह हमेशा उल्टी लगती है पर जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो जिंदगी बिल्कुल सीधी और सरल दिखाई पड़ती है ।
    आपकी कविता पर एक गीत याद आया जिसके बोल इस प्रकार हैं ,
    जीवन चलने का नाम,
    चलते रहो सुबह शाम।

    Liked by 1 person

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