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Just A Thought!!!!!

So, I was lately studying viruses and one thing that come to my mind is how much less we know about them, I mean as compared to bacteria, fungi, etc, we don’t have much information about them. Coronavirus might be just the beginning of the chaos. It is not the only virus around, there are still a lot hidden and unidentified and ones that are discovered or identified, we don’t have much information about them.

I still remember, in our 2nd year of M.B.B.S, when MICROBIOLOGY was one of the main subjects, how much less we have about viruses in our textbook except the few most common ones, rabies, and dengue, etc. Even some viruses just have a para or two, and coronavirus genera are one of them, to which current SARS-COV2(new strain) belongs. It was written in the textbook it causes the common cold, 2nd most common cause after rhinoviruses and from University point of view, it was never an important topic to be asked in exams and “we were like, common cold h to KR wata hai, puch Bhi Liya to, like de khud h, itna Jada syllabus hai, Wo khatam ho Jaye ” and when I remember these lines today, I just can’t believe, how this not so important virus has to lead the world on the back foot, that everybody is helpless. And one thing we all should learn never to underestimate anyone.

So, what it can be due to? Is it our ignorance that we don’t do much research on them? Why the government don’t spend money on research work in the medical field? Maybe if more money and time spent on the research of so many hidden microorganisms and even known once, we would have handled the current situation is a much better way. I am afraid, that maybe, it is just the beginning. There are a lot of deadly viruses, that we still don’t know about, that can cause, death within hours, in that sense, coronavirus, does not seem to be that deadly, if we don’t focus on it now, world might end due to the one that can not even survive on their own ( virus need a host for their survival, they just have genetic material and proteins, if we talk in simple language)

Still, there are people, who will think, there are a lot more problems to deal with, but simply answer me, if you are not healthy or if you die, will your that dreams make any sense. yes, there are a lot of other problems, we should focus on them, but why ignore it. And what troubles more, where the youth going, they are more concerned about which is better, TikTok or YouTube?or any other political thing or just the things, I don’t want to talk about here. Seriously, are those things important to you. You have talent, you have a brain, why not to use it in some good way. I am not saying, just go and start research or anything, but you can help in many other ways too.

Just give it a thought, and do share me, what you think, in the comment.

Thank you so much for reading it 😊

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क्या कोरोना भगवान का प्रकोप है या मानव उत्पन्न आपदा ?

यह प्रश्न हम सब के मन में है कि आखिर कोरोना जैसी महामारी जिसने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है उसका कारण क्या है ? क्या ये सच में ईश्वर का प्रकोप है या उनके द्बारा मानव जाति को कोई संदेश है , की हे मानव ! तू स्वयं को सर्वोपरि समझने की भूल कैसे कर सकता है , तुझे मैंने ही निर्मित किया है और मैं जब चाहे तेरे प्राण भी ले सकता हूंँ ।
या ये कोई मानव उत्पन्न आपदा है जिसका समाधान अब मानव के पास भी नहीं है । क्या प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ करना सही है ? या ये कहे हमारी जिज्ञासा , कुछ नया जानने की , कुछ नया खोजने की , आज सम्पूर्ण मानव जाति के लिए घातक बन गयी है । पर कुछ नया खोजने या जिज्ञासा होने में तो कुछ गलत नहीं तो फिर गलती कहाँ हुई कि आज सभी अपने अपने घरों में ही बंद है ,ठीक उसी प्रकार जैसे चिड़िया को पिंजरे में बंद कर दिया जाता है , जो उन्मुक्त गगन में उड़ान तो भरना चाहती है पर उड़ नहीं पाती ।

“मैं बंद पिंजरे में बैठा
हमेशा यही सोचता
क्या जीवन है मेरा
इतनी जंजीरो से बंधा
कैसी होगी वो बाहर की दुनिया
दिनभर बस यही सोचता
मेरे सपने कब होंगे पूरे
कब मैं बाहर आ पाऊंगा
कुछ डर जाता ,सहम जाता
जब कोई रास्ता नजर ना आता
पर फिर भी उड़ाने की चाह मैं रखता । ”
– ईरा सिंह

आज हमने हर क्षेत्र में इतनी तरक्क़ी कर ली है फिर भी हम कुछ नहीं कर पा रहे है और खुद को असहाय महशूस कर कर रहे है । इसका कारण क्या हो सकता है ? आज सबके मन में डर है , शायद कभी कभी डर अच्छा भी होता है । आज इसके कारण हम उन चीजों का महत्व समझने लगे है जो हम हमेशा प्रत्याभूत लेते थे। और ये भी की हम कम सुख – सुविधाओं में भी जीवन वियापण कर सकते है और हर चीज की अति करना ठीक नहीं होता , उसके परिणाम हमेशा ख़राब ही होते है । आज सिनेमा घर , मॉल, रेस्टोरेंट , मनोरंजन पार्क इत्यादि सब कुछ बंद है , तब भी हम जी रहे है । तो सोचिए जीवन जीने के लिए क्या ज्यादा महत्वपूर्ण है ?
और जहां आज सब लोग अपने को घर में सुरक्षित रखने का प्रयत्न कर रहे है तब भी कुछ लोग बाहर आकर काम कर रहे है ताकि सब ठीक रहे । ये सब वही लोग है जिनको हमारे समाज ने कभी ज्यादा महत्व नहीं दिया और ना समझा या ये भी कह सकते है समझना चाहते नहीं है क्योंकि आज के समय में भी कुछ लोग है जो स्वथ्य कर्मचारियों के साथ , डॉक्टर के साथ , नर्सेज के साथ , सुरक्षाकर्मियों और सफाई कर्मचारियों आदि लोगों के साथ , जो अपने घर के बाहर सिर्फ हमारी सुरक्षा के लिए आये है , के साथ दुर्व्यवहार कर रहे है , क्या ये सही है ? क्या हम उनका सहयोग भी नहीं कर सकते ? क्या आज के मनुष्य में मानवता शेष रही ही नहीं है ?
अब ये तो किसी को भी नहीं पता कि इस आपदा का अंत कब और कैसे होगा और ये भगवान का कोई प्रकोप है या नहीं । और ये भी भविष्य के ही गर्भ में है कि आगे क्या होगा । हमारे डॉक्टर्स इस बीमारी का इलाज खोज ही लेगे और हम मानव जाति को भी इस आपदा से बाहर भी ले आएंगे । हमने पहले भी बहुत सारी आपदाओ का सामना किया है , इस बार भी हम सफल ज़रूर होंगे बस खुद को अवसाद ग्रसित नहीं होने देना और हिम्मत बनाये रखनी है ।
पर हमें इससे ये सीख़ भी लेनी होगी की अगर हम अपनी भूतकाल में की गई ग़लतियों से नहीं सकेंगे तो , भविष्य हमे कही ओर भयावह मोड़ पर ना लाकर खड़ा कर दे कि हम चाह कर भी कुछ ना कर पाए और सब ख़त्म हो जाये और ये सच में हमारे पुराणों और ग्रंथो में बताया गया प्रलय का संदेश ना बन जाये।

stay safe, stay healthy

Thank you so much for stopping by and giving it a read.